सारंगढ़-बिलाईगढ़, विशेष संवाददाता:
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 1 मई से शुरू हुआ “सुशासन तिहार” पूरे प्रदेश में 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार, शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों को लाभ पहुंचाना तथा आमजन की समस्याओं का निराकरण करना प्रमुख उद्देश्य है। इन शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विधायक, सांसद, मंत्री एवं मुख्यमंत्री भी सीधे जनता के बीच पहुंचकर संवाद स्थापित कर रहे हैं।
लेकिन इस दौरान एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठ रहा है—पिछले प्रवास और “सुशासन तिहार” के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए की गई घोषणाओं का आखिर क्या हुआ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 एवं 2025 में विभिन्न अवसरों पर कुल 20 महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से अधिकांश आज भी पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। इनमें से 16 कार्य ऐसे हैं जो शासन स्तर से संबंधित हैं और अभी तक कई को अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
शासन स्तर पर अटकी योजनाएं
सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा कई प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं, लेकिन मंत्रालय स्तर पर स्वीकृति लंबित होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं। विशेष रूप से खनिज न्यास मद (DMF) से संबंधित कार्यों में तकनीकी बाधाएं सामने आई हैं, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई है।
कुछ कार्यों में दिखी प्रगति
हालांकि, कुछ योजनाओं में जिला स्तर पर स्वीकृति मिलने के बाद काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इनमें प्रमुख हैं—
सारंगढ़ मुख्य मार्ग चौड़ीकरण हेतु यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्य
ग्राम कनकबीरा में मंगल भवन निर्माण
गोड़म में पंचायत भवन निर्माण
बालक छात्रावास का जीर्णोद्धार
जिला अस्पताल में मरीजों के लिए अतिरिक्त कक्ष निर्माण
इन कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी हो चुकी है और कई कार्य पूर्णता की ओर हैं।
अब भी लंबित हैं कई अहम परियोजनाएं
वहीं दूसरी ओर कई महत्वपूर्ण योजनाएं अब भी लंबित हैं, जिनमें—
टीमरलगा उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन
नाथलदाई मंदिर का पर्यटन केंद्र के रूप में विकास
टीमरलगा हाई स्कूल का उन्नयन
औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना
कनकबीरा में कन्या छात्रावास निर्माण
सारंगढ़ में उच्च स्तरीय विश्राम गृह
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उन्नयन
नरगिखोल लात नाला में पुलिया निर्माण
सड़क, गार्डन, कॉलेज भवन एवं स्टेडियम निर्माण
इन सभी कार्यों को अब भी शासन स्तर की स्वीकृति का इंतजार है।
प्रशासनिक प्रयास जारी
कलेक्टर कार्यालय द्वारा समय-समय पर मुख्यमंत्री सचिवालय एवं संबंधित विभागों को पत्र भेजकर इन योजनाओं की स्वीकृति के लिए आग्रह किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। जिसकी वजह से जनता में बढ़ रही नाराजगी स्थानीय नागरिकों का कहना है कि घोषणाएं यदि समय पर पूरी नहीं होतीं, तो जनता का भरोसा कमजोर पड़ता है। विकास कार्यों में देरी से क्षेत्र की मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में विकास की कई योजनाएं अभी भी कागजों तक सीमित हैं। यदि शासन स्तर पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो इन घोषणाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचने में और अधिक विलंब होना तय है।
