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August 14, 2026 12:53 pm

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रायगढ़ में शेरवानी, सारंगढ़ में पजामा-कुर्ता,मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में दूल्हों के साथ भेदभाव

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Ramkumar Thuriya


सारंगढ़-बिलाईगढ़। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में इस बार दूल्हा-दुल्हनों के साज-सज्जा और सामग्री वितरण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर रायगढ़ जिले में दूल्हों को आकर्षक शेरवानी उपलब्ध कराई गई, वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अधिकांश दूल्हों को साधारण पजामा-कुर्ता देकर कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इसे लेकर हितग्राहियों एवं परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह योग्य जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित सामग्री एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन सारंगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 96 बेटियों के दूल्हों के साथ भेदभाव किए जाने के आरोप लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक ही योजना और समान बजट होने के बावजूद जिलों के बीच इतना अंतर आखिर क्यों दिखाई दिया।
कार्यक्रम में शामिल कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब पड़ोसी जिले रायगढ़ में दूल्हों को शेरवानी, बेहतर वस्त्र एवं आकर्षक सामग्री दी गई, तो सारंगढ़ में साधारण पजामा-कुर्ता तक सीमित क्यों रखा गया। इससे योजना की पारदर्शिता और सामग्री खरीदी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।
अब लोगों की निगाहें महिला एवं बाल विकास विभाग की खरीदी प्रक्रिया और कोटेशन प्रणाली पर टिक गई हैं। चर्चा है कि कोटेशन और सामग्री चयन में हुई कथित गड़बड़ी का राज खुलने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों एवं समाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जैसी जनहितकारी योजना की विश्वसनीयता बनी रहे और हितग्राहियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो।

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