सारंगढ़-बिलाईगढ़। क्षेत्र में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में प्रभावित गांवों के ग्रामीणों द्वारा विभिन्न स्थानों पर बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति बनाई गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सारंगढ़ क्षेत्र के लगभग 1800 एकड़ भूमि में चूना पत्थर खदान खोले जाने की प्रक्रिया शासन द्वारा नीलामी के माध्यम से प्रारंभ की गई है। इस संबंध में खान एवं खनिज विभाग के पत्र क्रमांक 50/GENS/686/2026 दिनांक 05 जनवरी 2026 के आधार पर कार्यवाही जारी है।
इस प्रस्तावित खदान से प्रभावित होने वाले गांवों में ख़ैरहा, कुटेला, दुर्गापाली, खम्हारडीह, चंदाई, जुनाडीह, रापागुला, हरिहरपाली, भोजपुर, पचपेड़ी, भैंसदेहान, गाताडीह एवं सुलोनी सहित कई गांव शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खदान शुरू होने से पर्यावरण, जल स्रोत और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
इसी विषय को लेकर प्रभावित ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बैठक कर निर्णय लिया है कि दिनांक 01 अप्रैल 2026 को शहर एवं ग्रामीणजन मिलकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाया जा रहा है।
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं पंचायत पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर खदान के विरोध में आवाज उठाने और अपने अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्तावित खदान को तत्काल निरस्त किया जाए तथा क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सामाजिक व्यवस्था को सुरक्षित रखा जाए।

