सारंगढ़-बिलाईगढ़। नगर पंचायत से नगर पालिका बने सारंगढ़ में शामिल किए गए 21 नए गांवों को आज भी मूलभूत सुविधाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। नगर सीमा विस्तार के साथ विकास की उम्मीद जगी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं।
करीब 10 हजार की आबादी वाले इन गांवों में सड़क, नाली, पेयजल, बिजली, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। कई स्थानों पर आज भी कच्ची सड़कें, जर्जर नालियां और अंधेरे में डूबे मोहल्ले नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका में शामिल होने के बाद टैक्स और औपचारिकताओं का बोझ तो बढ़ा, लेकिन सुविधाएं अब तक नहीं पहुंच पाई हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है।
इसी बीच, नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 03 स्थित झरियापारा मोहल्ला की महिलाओं ने भी अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर गुहार लगाई। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि वे इसके लिए पात्र हैं।
कलेक्ट्रेट पहुंची महिलाओं में श्रीमती गुड्डी उरांव, राजमती उरांव ,कार्तिकमति, राजकुमारी उरांव एवं आशा उरांव शामिल रहीं। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से भूमिहीन हैं और कई बार आवेदन देने तथा अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। रहने के लिए स्थायी जमीन नहीं होने से उनके परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नगर पालिका बनने के बाद नव-समावेशित गांवों और गरीब वर्ग के हितग्राहियों के लिए विशेष विकास और पुनर्वास योजना बनाकर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों एवं महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिया जाए, ताकि उन्हें भी नगर विकास का वास्तविक फायदा मिल सके।
