सारंगढ़-बिलाईगढ़।जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर शहर के सरकंडा क्षेत्र में बर्ड फ्लू से करीब 5 हजार मुर्गियों की मौत के बाद पशुधन विभाग सतर्क हो गया है। उप संचालक पशुधन डॉ. महेंद्र पाण्डेय ने जिले में एहतियातन कई प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं।
सीमाओं पर नाकाबंदी, निगरानी तेज
संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिले के बॉर्डर क्षेत्रों—टिमरलगा, कनकबीरा, डोंगरीपाली, सलिहा आदि में नाकाबंदी की गई है। यहां पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो संदिग्ध मुर्गा-मुर्गियों के परिवहन पर नजर रख रहे हैं। संदिग्ध स्थिति मिलने पर तत्काल नजदीकी थाने को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
बीमारी फैलने की आशंका, सतर्कता जरूरी
अधिकारियों के अनुसार, बर्ड फ्लू एक संक्रामक बीमारी है जो पक्षियों से मनुष्यों में भी फैल सकती है। वन्य पक्षियों या पोल्ट्री में अचानक अधिक संख्या में मौत होने पर तत्काल सूचना देने की अपील की गई है। इसके लिए नजदीकी पशु चिकित्सक, थाना या डॉ. महेंद्र पाण्डेय (मो. 8359840530) से संपर्क करने को कहा गया है।
लोगों को दी गई सावधानियां
डॉ. पाण्डेय ने आमजन से अपील की है कि—
बीमार या मृत पक्षियों का सेवन न करें।
पोल्ट्री फार्म से दूरी बनाकर रखें।
पोल्ट्री फार्म में कार्यरत कर्मचारी मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
चिकन के सेवन से फिलहाल परहेज रखें।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि यदि चिकन को 60 डिग्री तापमान पर अच्छी तरह उबालकर पकाया जाए, तो संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
बीमारी को लेकर गंभीर चेतावनी
पशुधन विभाग के अनुसार, बर्ड फ्लू एक गंभीर बीमारी है, जो अलग-अलग जीवों और मनुष्यों में रूप बदलकर सामने आ सकती है। इसलिए सतर्कता ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
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