जनप्रतिनिधि व नागरिकों ने सौंपे आपत्ति पत्र
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में प्रस्तावित लगभग 1800 एकड़ भूमि को चूना पत्थर खनन हेतु आवंटित किए जाने के खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इस मामले में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी कलेक्टर को अलग-अलग आपत्ति पत्र सौंपकर खनन प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक-13 की प्रतिनिधि श्रीमती कोमल शशि पटेल ने अपने आवेदन में कहा है कि प्रस्तावित भूमि क्षेत्र घनी आबादी वाले इलाके के समीप स्थित है, जहां जिला अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, एफसीआई गोदाम सहित अनेक महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं। ऐसे में खनन गतिविधियों से पर्यावरण प्रदूषण, धूल और भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से आमजन के स्वास्थ्य और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ेगा।
वहीं, स्थानीय निवासी रमेश कुमार खुंटे (निवासी—चंदाई, तहसील सारंगढ़) ने भी अपने आवेदन में खनन प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इससे सैकड़ों परिवारों के विस्थापन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। साथ ही नगर की शांति व्यवस्था प्रभावित होगी और आम नागरिकों का जीवन दुष्कर हो जाएगा।
दोनों आवेदनों में यह भी उल्लेख किया गया है कि खनन से पर्यावरण असंतुलन पैदा होगा तथा मानव जीवन पर संकट उत्पन्न हो सकता है। आवेदकों ने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए उक्त खनन आवंटन को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।