सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिला मुख्यालय क्षेत्र में प्रस्तावित ई-नीलामी पत्थर खदान के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते उग्र हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे पुलिस बल और ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प भी हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और खदान को तत्काल निरस्त करने की मांग की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान धक्का-मुक्की और हल्की झड़प की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्डों के पास प्रस्तावित पत्थर खदान से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि खदान क्षेत्र के आसपास जिला कलेक्ट्रेट, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और अन्य शासकीय कार्यालय स्थित हैं, जिससे धूल, ध्वनि और प्रदूषण की समस्या बढ़ेगी।
ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि:
प्रस्तावित क्षेत्र मास्टर प्लान के अनुसार आवासीय/मिश्रित उपयोग क्षेत्र में आता है
खदान संचालन से धूल, ध्वनि और कंपन से जनजीवन प्रभावित होगा
पर्यावरणीय स्वीकृति (Environmental Clearance) एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति संदिग्ध है
स्थानीय नागरिकों की सहमति नहीं ली गई
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही खदान प्रस्ताव निरस्त नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
वहीं प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित बताते हुए कहा है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
