सारंगढ़। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के तहत आयोजित चयन परीक्षा में गोमर्डा अभ्यारण क्षेत्र की छात्रा सितारा बरिहा को अपात्र घोषित किए जाने पर क्षेत्र में नाराजगी बढ़ गई है। इस मामले में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष रामकुमार थूरिया ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आदिम जाति कल्याण विभाग की मनमानी करार दिया है
रामकुमार थूरिया ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को चयन परीक्षा में बैठने से अपात्र करना उसके प्रतिभा प्रदर्शन के अवसर को छीनने के समान है। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्र के ग्राम पठारीपाली निवासी गजपति बरिहा की पुत्री सितारा बरिहा ने कठिन परिस्थितियों के बीच साहस जुटाकर इस प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की थी और पूरी लगन एवं निष्ठा के साथ अध्ययन कर रही थी। ऐसे में उसे परीक्षा में बैठने से वंचित करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि विभागीय मनमानी को भी उजागर करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त, रायगढ़ द्वारा लिया गया यह निर्णय छात्रा के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
थूरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी शासन के निर्देशों और निर्धारित नियमों के आधार पर कार्य करें, न कि अपनी मनमानी से नए नियम बनाकर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय करें। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर छात्रा को परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की मांग की है।