सरायपाली। अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल निजी विद्यालयों में ही मिलती है, लेकिन महासमुंद जिले के शासकीय प्राथमिक शाला दर्राभाठा ने अपने उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों से इस सोच को लगातार चुनौती दी है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना की चयन परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।
महासमुंद जिले को आवंटित 6 सीटों में से 3 सीटों पर अकेले शासकीय प्राथमिक शाला दर्राभाठा के विद्यार्थियों ने कब्जा जमाया। विद्यालय की छात्रा प्रीति महिलाने ने 4वीं रैंक, रमित बरिहा ने 5वीं रैंक तथा निखिल चौहान ने 6वीं रैंक प्राप्त कर चयनित होने का गौरव हासिल किया। इस उपलब्धि से विद्यालय, अभिभावकों और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
सफलता की बनी पहचान
प्राथमिक शाला दर्राभाठा पिछले कई वर्षों से लगातार उत्कृष्ट परिणाम दे रहा है। जवाहर नवोदय विद्यालय, एकलव्य आवासीय विद्यालय सहित विभिन्न आवासीय एवं प्रतियोगी चयन परीक्षाओं में यहां के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। यही कारण है कि यह विद्यालय पूरे जिले में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
शिक्षक की मेहनत लाई रंग
विद्यालय के शिक्षक दयासागर नायक के समर्पित मार्गदर्शन, नवाचारी शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान का परिणाम आज पूरे क्षेत्र के सामने है। उनकी मेहनत ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समर्पित शिक्षक हों, तो वहां पढ़ने वाले बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं।
अभिभावकों का बढ़ा विश्वास
विद्यालय की लगातार सफलता ने अभिभावकों का सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास और मजबूत किया है। ग्रामीण क्षेत्र के अनेक पालक अब अपने बच्चों का प्रवेश सरकारी विद्यालयों में कराने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों की लगन और अभिभावकों के सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।
विद्यालय परिवार ने तीनों प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। साथ ही कहा कि इन बच्चों की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और उन्हें बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

