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July 24, 2026 7:35 pm

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पंचायत खाते से 71 लाख रुपये का नगद आहरण, बजाज शोरूम, ज्वेलर्स एवं कपड़ा दुकान को भुगतान पर उठे सवाल

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Ramkumar Thuriya

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जनपद पंचायत सारंगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा छोटे में पंचायत निधि के उपयोग को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार पंचायत खाते से निर्माण कार्यों के नाम पर बड़ी मात्रा में नगद राशि निकाली गई, वहीं ऐसे प्रतिष्ठानों को भी भुगतान किए जाने का उल्लेख है जिनका पंचायत के निर्माण कार्यों से प्रत्यक्ष संबंध स्पष्ट नहीं है। इस पूरे मामले ने पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दस्तावेजों के अनुसार 17 मार्च 2021 से 2 अप्रैल 2024 के बीच ग्राम पंचायत परसदा छोटे के तत्कालीन सरपंच एवं सचिव द्वारा पंचायत खाते से लगभग 71 लाख रुपये का नगद आहरण किया गया। पंचायत वित्तीय नियमों के अनुसार सार्वजनिक धन का उपयोग यथासंभव बैंकिंग माध्यमों से और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। ऐसे में इतनी बड़ी राशि का नगद आहरण जांच का विषय बन गया है।
इसी अवधि में दस्तावेजों के अनुसार पटेल बजाज बरमकेला को 80 हजार रुपये तथा धरम ज्वेलर्स को 15 लाख 99 हजार रुपये का भुगतान दर्ज है। इन भुगतानों का पंचायत के विकास कार्यों से क्या संबंध था और किन मदों के अंतर्गत इनका भुगतान किया गया, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। इसी कारण इन भुगतानों को लेकर बोगस भुगतान की आशंका व्यक्त की जा रही है।
जानकारों का कहना है कि यदि दस्तावेजों में दर्ज भुगतान वास्तविक हैं, तो संबंधित बिल, वाउचर, कार्य आदेश, माप पुस्तिका (एमबी), सामग्री आपूर्ति के प्रमाण तथा भुगतान स्वीकृति जैसे अभिलेखों की विस्तृत जांच आवश्यक है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि राशि का उपयोग नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और ग्रामीणों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पंचायत निधि सार्वजनिक धन है और उसके प्रत्येक भुगतान का स्पष्ट हिसाब जनता के सामने होना चाहिए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब निगाहें जिला प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा संबंधित जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि वे दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या नहीं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितता के बड़े मामलों में शामिल हो सकता है।

(नोट: यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों एवं लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित सरपंच, सचिव तथा जिन प्रतिष्ठानों के नाम का उल्लेख है, उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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