सारंगढ़। सारंगढ़ विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल कनकबीरा एवं बटाऊपाली ब में खनिज न्यास मद से स्थापित ईडीएफ (इलेक्ट्रोलाइटिक डिफ्लोरिडेशन) प्लांट खराब होने से स्कूली बच्चों और शिक्षकों को फिर से फ्लोराइड युक्त पानी पीने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। यह स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल परिसर में लगाए गए ईडीएफ प्लांट का उद्देश्य पानी में मौजूद अतिरिक्त फ्लोराइड की मात्रा को कम कर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन लंबे समय से प्लांट बंद पड़े हैं। रखरखाव और नियमित निगरानी के अभाव में यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
स्थानीय ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि स्कूल में अध्ययनरत छोटे-छोटे बच्चे और शिक्षक रोजाना इसी फ्लोराइड युक्त पानी का उपयोग पीने के लिए कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक ऐसे पानी के सेवन से बच्चों में Dental fluorosis एवं Skeletal fluorosis जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जिससे दांतों और हड्डियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष रामकुमार थूरिया ने प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से मांग की है कि दोनों स्कूलों में खराब पड़े ईडीएफ प्लांट की तत्काल मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू कराया जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है।
